आज सुबह मैने देखा एक सपना,
देश मेँ था सत्य का बोल बाला
"सत्य" का ही साम्राज्य था अपना,
मानोँ चल रही हो रामराज्य की घटना !!
राम रुपी राजा बैठे थे पुरे होश मेँ ,
जनता उन्मुक्त थी गा रही थी पुरे जोश मेँ !
हम ने भी ईश्वर का धन्यवाद किया,
राम रुपी राजा से स्नेह और आशिर्वाद लिया
मुझे लगा अब बच्चे बेहतर शिछा पायेँगे,
मजदूर भी रोजी रोटी कमायेँगे !
लडकियाँ भी बैखौफ घरोँ से निकलेँगी ,
भ्रष्ट अफसरोँ पर कुछ नकेल तो कसेगी !!
माँ की ध्वनि से मेरी नीँद खुलती है ,
आँखे अनायास ही मुरझाये फुलोँ को तकती हैँ !
अट्टालिकाओँ से मेँ खपरैल पर गिरता हुँ,
रामराज्य का सपना गहरी स्वाँस मेँ छोडता हुँ!!
देश मेँ था सत्य का बोल बाला
"सत्य" का ही साम्राज्य था अपना,
मानोँ चल रही हो रामराज्य की घटना !!
राम रुपी राजा बैठे थे पुरे होश मेँ ,
जनता उन्मुक्त थी गा रही थी पुरे जोश मेँ !
हम ने भी ईश्वर का धन्यवाद किया,
राम रुपी राजा से स्नेह और आशिर्वाद लिया
मुझे लगा अब बच्चे बेहतर शिछा पायेँगे,
मजदूर भी रोजी रोटी कमायेँगे !
लडकियाँ भी बैखौफ घरोँ से निकलेँगी ,
भ्रष्ट अफसरोँ पर कुछ नकेल तो कसेगी !!
माँ की ध्वनि से मेरी नीँद खुलती है ,
आँखे अनायास ही मुरझाये फुलोँ को तकती हैँ !
अट्टालिकाओँ से मेँ खपरैल पर गिरता हुँ,
रामराज्य का सपना गहरी स्वाँस मेँ छोडता हुँ!!
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